S and S Legal Advisors सिलीगुड़ी स्थित अधिवक्ताओं और विधिक सलाहकारों की फर्म है। फर्म के अधिवक्ता सिलीगुड़ी, जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, कर्सियांग, इस्लामपुर, रायगंज, मालदा, कूचबिहार और अलीपुरद्वार की अदालतों में, कलकत्ता हाई कोर्ट में और सिक्किम की अदालतों में पेश होते हैं। यह पृष्ठ हिंदी भाषी पाठकों के लिए है, जिनमें उत्तर बंगाल में रहने वाले हिंदी भाषी परिवार, कारोबारी और नौकरीपेशा लोग शामिल हैं।
यह पृष्ठ सामान्य जानकारी देता है। किसी भी मामले में सही कदम उसके तथ्यों, दस्तावेजों और लागू कानून पर निर्भर करता है।
कार्यक्षेत्र
- दीवानी और संपत्ति: जमीन और मकान के स्वामित्व व कब्जे के विवाद, बंटवारा, किरायेदारी, विशिष्ट अनुतोष (Specific Relief) और निषेधाज्ञा के मामले।
- फौजदारी: अग्रिम जमानत, नियमित जमानत, प्राथमिकी (FIR) रद्द कराने के आवेदन, ट्रायल और अपील। संबंधित धाराएँ भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) में हैं।
- साइबर विधि और बैंक खाता फ्रीज: साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें, बैंक खाते में डेबिट फ्रीज या होल्ड हटवाने के आवेदन, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य। विस्तार से: बैंक खाता फ्रीज होने पर कानूनी सहायता।
- चेक बाउंस (धारा 138, परक्राम्य लिखत अधिनियम): नोटिस, परिवाद और अपील की प्रक्रिया।
- पारिवारिक कानून: तलाक, भरण-पोषण, बच्चों की अभिरक्षा, घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, 2005 के अंतर्गत आवेदन।
- कर विधि: आयकर और जीएसटी में नोटिस, मूल्यांकन, अपील और अधिकरण के समक्ष कार्यवाही।
- उपभोक्ता विवाद, मोटर दुर्घटना दावे (MACT), मध्यस्थता और वाणिज्यिक विवाद।
प्रत्येक क्षेत्र का विवरण कार्यक्षेत्र पृष्ठ पर उपलब्ध है।
अदालतें और अधिकरण
| स्थान | मंच |
|---|---|
| सिलीगुड़ी | जिला एवं सत्र न्यायालय (दार्जिलिंग जिला), मजिस्ट्रेट न्यायालय |
| जलपाईगुड़ी | जिला न्यायालय; कलकत्ता हाई कोर्ट की सर्किट बेंच |
| दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, कर्सियांग | जिला एवं अनुमंडल स्तर की अदालतें |
| मालदा, इस्लामपुर, रायगंज, कूचबिहार | संबंधित जिला/अनुमंडल न्यायालय |
| कोलकाता | कलकत्ता हाई कोर्ट (मुख्य पीठ) |
| गंगटोक | सिक्किम हाई कोर्ट और जिला न्यायालय |
| अधिकरण | कर अपीलीय और अन्य अधिकरण, मामले के अनुसार |
कुछ सामान्य प्रश्न
क्या फर्म हिंदी में जानकारी देती है?
हाँ। फर्म के अधिवक्ता अंग्रेजी, बांग्ला, नेपाली और हिंदी में बातचीत करते हैं।
जमानत के लिए पहला कदम क्या होता है?
गिरफ्तारी की आशंका हो तो BNSS की धारा 482 के अंतर्गत अग्रिम जमानत का आवेदन, और गिरफ्तारी के बाद धारा 480 या 483 के अंतर्गत नियमित जमानत का आवेदन किया जा सकता है। जमानत देना या न देना अदालत का विवेक है और वह आरोप की प्रकृति, साक्ष्य और अन्य परिस्थितियों पर निर्भर करता है।
जमीन विवाद में किस अदालत में जाएँ?
सामान्यतः स्वामित्व और कब्जे के मामले संपत्ति जिस क्षेत्र में स्थित है, वहाँ की दीवानी अदालत में दायर होते हैं। मुकदमे का मूल्य और क्षेत्राधिकार भी देखे जाते हैं।
क्या मालदा या इस्लामपुर में तलाक का मामला संभाला जाता है?
पारिवारिक मामले सुनने वाली अदालत पति-पत्नी के निवास और विवाह के स्थान के आधार पर तय होती है।
चेक बाउंस होने पर कितना समय है?
धारा 138 के अंतर्गत चेक अनादरित होने की सूचना मिलने के बाद 30 दिन के भीतर नोटिस भेजना होता है, फिर भुगतान के लिए 15 दिन का समय मिलता है। परिवाद दायर करने की अवधि एक माह है। तिथियाँ कड़ाई से देखी जाती हैं।
संपर्क
Corporate Office Siliguri
1st Floor, Priyadarshani Market, Khudiram Pally Road, Ward 11, Hakim Para, Siliguri, West Bengal – 734001Hours: Monday to Saturday, 6:00 PM – 10:00 PM; Sunday by appointment only; closed on public holidays
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Representative Office Kolkata
Rabindra Nagar, Link Rd, Airport Area, Behala, Kolkata – 700060Hours: Monday to Saturday, 6:00 PM – 10:00 PM; Sunday by appointment only; closed on public holidays
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यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है। यह कानूनी सलाह नहीं है और न ही यह विज्ञापन या काम माँगने का आमंत्रण है। भारतीय बार काउंसिल के नियमों के अनुसार यहाँ किसी परिणाम या सफलता का दावा नहीं किया गया है। कोई भी कदम उठाने से पहले अपने मामले के तथ्यों के आधार पर अधिवक्ता से परामर्श करें।